KORBA:-पेंशन दिलाने के नाम पर 9000 हजार रुपये की ठगी का आरोप, रजगामार के पंच जितेंद्र राठौर पर FIR दर्ज
महिला हितग्राही की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई, शिकायत वापस लेने के लिए धमकी देने का भी आरोप

पेंशन दिलाने के नाम पर 9 हजार रुपये की ठगी का आरोप, रजगामार के पंच जितेंद्र राठौर पर FIR दर्ज
महिला हितग्राही की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई, शिकायत वापस लेने के लिए धमकी देने का भी आरोप
कोरबा। जिले के रजगामार क्षेत्र में परित्यक्ता पेंशन दिलाने के नाम पर महिला हितग्राही से 9 हजार रुपये लेने और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाकर धमकी देने के मामले में रजगामार पंचायत के पंच जितेंद्र राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़िता गायत्री प्रजापति की शिकायत पर पुलिस चौकी रजगामार, थाना बालकोनगर में 10 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 0604/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 3(5), 308(2), 318(4) एवं 351(3) में मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता ने इस संबंध में कलेक्टर कोरबा के समक्ष साक्ष्यों के साथ शिकायत प्रस्तुत की थी। कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच समिति ने मामले की जांच की, जिसमें जितेंद्र राठौर को दोषी पाए जाने का उल्लेख शिकायत संबंधी जानकारी में किया गया है। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया।
पेंशन की राशि आने के बाद मांगे 9 हजार रुपये
शिकायत के अनुसार, गायत्री प्रजापति (38), निवासी पुराना गणेश चौक, प्रेमनगर रजगामार, आईसेक्ट च्वाइस सेंटर में काम करती हैं। वर्ष 2005 में विवाह के बाद वह 2008 से पति से अलग रह रही हैं। उन्हें शासन की ओर से परित्यक्ता पेंशन मिलती थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से पेंशन की राशि खाते में नहीं आ रही थी। इसके बाद उन्होंने केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराई।
आरोप है कि पेंशन शुरू कराने के लिए जितेंद्र राठौर ने खर्च देने की बात कही और रुपये नहीं देने पर रुकी हुई पेंशन नहीं मिलने का दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक, 6 फरवरी 2026 को गायत्री के बैंक खाते में 14 हजार रुपये की पेंशन राशि आने के बाद उनसे 9 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। आरोप है कि जितेंद्र राठौर ने अधिकारियों को भी पैसे देने की बात कहते हुए पूरी राशि देने का दबाव बनाया।
दूसरे व्यक्ति के माध्यम से राशि लेने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत रजगामार के सरपंच हरिसिंह राठिया के पुत्र चंद्रभान राठिया को आईसेक्ट च्वाइस सेंटर में रुपये लेने के लिए भेजा गया। शिकायत में कहा गया है कि मोबाइल पर बातचीत के दौरान जितेंद्र राठौर ने चंद्रभान को रुपये देने की बात कही। पीड़िता ने राशि कम करने का अनुरोध किया, लेकिन आरोप है कि 9 हजार रुपये ले लिए गए।
शिकायत वापस लेने के लिए धमकाने का आरोप
गायत्री प्रजापति ने 6 मई 2026 को कलेक्टर के समक्ष शिकायत की थी। इसके बाद आरोप है कि जितेंद्र राठौर के परिचितों के माध्यम से उनके घर और भाई के पास लोगों को भेजकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। पीड़िता ने काम करने वाले संस्थान के संचालक कन्हैया राठौर के साथ मारपीट कराने, जान से मरवाने और एससी-एसटी के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दिलवाने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में राजेंद्र वस्त्रकार के माध्यम से धमकी दिलवाने की बात शिकायत में कही गई है।
पूर्व में भी शिकायत किए जाने का उल्लेख
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जितेंद्र राठौर के पिछले कार्यकाल के दौरान आदिवासी महिला सरपंच श्रीमती रामूला राठिया ने भी उनके विरुद्ध शिकायत की थी। उस शिकायत में सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर कर राशि आहरित करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इस संबंध में पुलिस एवं प्रशासन के समक्ष शिकायत किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल, वर्तमान मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।









