निर्वाचन आयोग का बड़ा कदम- 474 आर.यू.पी.पी. हटाए, 359 पर कार्रवाई जारी…
निर्वाचन प्रणाली की सफाई जारी है।
निर्वाचन आयोग ने 474 और आर.यू.पी.पी. को हटाया।
359 और आर.यू.पी.पी. को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
निर्वाचन आयोग का बड़ा कदम- 474 आर.यू.पी.पी. हटाए, 359 पर कार्रवाई जारी…
निर्वाचन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने लगातार छह वर्षों से चुनाव न लड़ने वाले 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आर.यू.पी.पी.) को सूची से हटा दिया है। साथ ही 359 अन्य दलों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत राजनीतिक दलों को विशेषाधिकार और लाभ मिलते हैं, जिनमें चुनाव चिह्न और कर छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। लेकिन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई दल लगातार 6 वर्षों तक चुनावों में भाग नहीं लेता है, तो उसे सूची से हटा दिया जाता है।आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत—पहला चरण: 9 अगस्त 2025 को 334 दलों को हटाया गया।दूसरा चरण: 18 सितम्बर 2025 को 474 दलों को सूची से बाहर किया गया। अगला चरण: अब 359 दलों की पहचान की गई है, जिन्होंने भले ही चुनाव लड़ा हो लेकिन पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) में वार्षिक ऑडिटेड खाते और चुनाव व्यय रिपोर्ट निर्धारित समय पर जमा नहीं की है। ये दल 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित हैं।किसी भी दल को अनुचित रूप से सूची से हटाने से बचाने के लिए, संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करें और उन्हें सुनवाई का अवसर दें। इसके बाद सीईओ की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग करेगा। यह कदम निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
