


KORBA:-माँ सर्वमंगला दरबार में अष्टमी के दिन जनसैलाब उमड़ पड़ा….. आज हवन, कन्या भोज और भंडारे में लोगों की अटूट आस्था…..हजारों श्रद्धालुओं ने माता के किए दर्शन….
कोरबा। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कोरबा स्थित मां सर्वमंगला मंदिर में अष्टमी के दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना, हवन और पूर्णाहुति के साथ श्रद्धालुओं ने मां से सुख-समृद्धि की कामना की। हवन पूजन के बाद माता स्वरूप कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया। परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी मंदिर परिसर में महाप्रसाद और कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अष्टमी के दिन शहर के साथ-साथ घर-घर में भी कन्या पूजन और हवन का आयोजन हुआ।नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महासप्तमी के दिन ‘जय माता दी’ के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान रहा, जहां भक्तों ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया गया, जो किसी देवलोक से कम नहीं लग रहा था।इस वर्ष मंदिर में लगभग 9 हजार से अधिक मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। खास बात यह रही कि मां की महिमा अब देश की सीमाओं से परे भी फैल रही है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब से आए श्रद्धालुओं ने भी मंदिर में ज्योति कलश प्रज्वलित कर विश्व शांति और सुख-समृद्धि की कामना की। राजपुरोहित पं. नमन पाण्डेय (नन्हा) के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मंदिर समिति, भू-विस्थापित संघ और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।वहीं, इतने बड़े जनसमूह को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए। पुलिसकर्मियों ने सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराए, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था बनी रही। मां सर्वमंगला के दरबार में अमीर-गरीब, देश-विदेश का भेद मिट जाता है। यहां केवल श्रद्धा की भाषा बोलती है और हर भक्त मां से मंगलकामना लेकर लौटता है।

माँ सर्वमंगला दरबार में अष्टमी के दिन जनसैलाब उमड़ पड़ा। हवन, कन्या भोज और भंडारे में लोगों की अटूट आस्था दिखी। हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। मंदिर के राजपुरोहित नन्हा पांडे ने बताया कि…
