KORBA:-दुकान निर्माण कार्य अधूरा रहने पर सरगबुंदिया ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव को सीईओ ने नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर मांगा
दुकान निर्माण का 3.41 लाख गबन का आरोप
- सीईओ ने नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर मांगा जवाब
कोरबा l कोरबा जिले की ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में लाखों रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया गया हैं। बताया जा रहा हैं की जनपद पंचायत करतला ने ग्राम पंचायत की सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर अधूरा निर्माण कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-149 के चौड़ीकरण कार्य के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में दुकान निर्माण के लिए 6 लाख 82 हजार 198 रुपये स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा किए बिना ही 3 लाख 41 हजार 99 रुपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से आहरित कर ली गई।
जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित दुकान निर्माण कार्य आज तक पूर्ण नहीं कराया गया है, जिससे मामला शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए सरपंच और सचिव से जवाब तलब किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कर पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधितों के खिलाफ धारा 92 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
नोटिस की प्रतिलिपि कलेक्टर कोरबा और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भी भेजी गई है। इससे पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया है।
दुकान निर्माण कार्य अधूरा रहने पर सरगबुंदिया ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव को कारण बताओ नोटिस
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राष्ट्रीय राजमार्ग 149 किनारे दुकान निर्माण के लिए स्वीकृत राशि खर्च होने के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं, 3 दिन में जवाब तलब
समाचार:
कोरबा। जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत सरगबुंदिया की सरपंच श्रीमती आराधना बाई एवं सचिव प्रमोद कुमार राठिया को कारण बताओ सूचना जारी की है। जारी पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 149 के ग्राम सरगबुंदिया में दुकान निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत की गई थी।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार उक्त निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि में से 3,41,099 रुपये आहरित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया है। इसे शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में माना गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया है कि दुकान निर्माण कार्य तीन दिवस के भीतर पूर्ण कराकर पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। अन्यथा पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के प्रावधानों के तहत उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

