KORBA:-शिवाय हॉस्पिटल में डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंट, डॉ. मित्तल बोले- “सफेद कोट में मानवता के प्रहरी हैं डॉक्टर”
कोरबा। “जब हर उम्मीद टूटने लगती है, तब एक डॉक्टर की मुस्कान और उसके अनुभव भरे हाथ नई जिंदगी की उम्मीद बन जाते हैं।” इसी भाव के साथ कोरबा ट्रांसपोर्ट नगर, नया बस स्टैंड स्थित शिवाय हॉस्पिटल में राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने सभी चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके समर्पण और सेवा भावना का सम्मान किया।
*“डॉक्टर टूटा विश्वास जोड़ते हैं”: डॉ. दिविक एच मित्तल*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दिविक एच मित्तल ने कहा कि डॉक्टर केवल बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि टूटते हुए विश्वास को संभालते हैं। वे निराशा में उम्मीद जगाते हैं और असंख्य परिवारों की खुशियां वापस लौटाते हैं। दिन हो या रात, त्योहार हो या पारिवारिक अवसर, मरीज की जान बचाना ही डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म है।
*“समय की सीमा नहीं होती”: डॉ. पूर्णिमा सुरभि*
डॉ. पूर्णिमा सुरभि ने कहा कि एक डॉक्टर के जीवन में न तो समय की सीमा होती है और न ही आराम की कोई निश्चित घड़ी। किसी अनजान मरीज की जिंदगी बचाने के लिए वे अपने परिवार से दूर रहकर भी पूरी निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। यही समर्पण उन्हें समाज का सबसे विश्वसनीय स्तंभ बनाता है।
*प्रबंधन ने जताया आभार*
अस्पताल प्रबंधन ने सभी चिकित्सकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि डॉक्टरों की सेवा, संवेदनशीलता और त्याग ही स्वस्थ समाज की सबसे मजबूत नींव है। “एक डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं करता, बल्कि हर धड़कन में उम्मीद, हर मुस्कान में विश्वास और हर जीवन में नया सवेरा लौटाने का प्रयास करता है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी डॉक्टरों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।



