
बहुचर्चित राज ज्वेलर्स छुरी लूट प्रकरण का सफल खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार, पूर्व में भी हत्या और दुष्कर्म के मामले में जा चुके जेल
बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूट प्रकरण का सफल खुलासा।
दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
एक आरोपी अभी भी फरार, जिसकी तलाश जारी।
घटना में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल एवं देशी कट्टे का उपयोग।
आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर अपराधों में जेल जा चुके थे।
गिरफ्तार आरोपी
1. गोपाल सिंह गोंड, पिता स्व. उज्जवल सिंह गोंड, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम घुचापुर, चौकी कोरबी, थाना पसान, जिला कोरबा (छ.ग.)।
2.परदेशी राठिया पिता गुरुवार सिंह, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम जिलगा (बरपाली), थाना श्यांग, जिला कोरबा (छ.ग.)
फरार आरोपी
विष्णु प्रसाद राठिया पिता मोहन राठिया, निवासी ग्राम कोलगा, थाना करतला, जिला कोरबा (छ.ग.)।
अपराध क्रमांक – 237/2026
धारा – 309(6), 61(2)(क) बीएनएस एवं 25 आर्म्स एक्ट
कोरबा । कोरबा जिले की कटघोरा तहसील मुख्यलय में गत 01 जुलाई को दिनदहाड़े छुरी के राज ज्वेलर्स नामक आभूषण विक्रेता संस्थान में की गयी सनसनीखेज लूट की वारदात के प्रकरण में शामिल दो आरोपियो को पुलिस ने बंदी बनाने में सफलता प्राप्त कर ली हैं। इस संबंध में आज अपराह: जिला पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्दार्थ तिवारी ने अपने पुलिस कार्यालय भवन के प्रेक्षागृह में स्थानीय पत्रकारों को इस दुस्साहसिक घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की मामले का अधिकाधिक खुलासा हो चुका हैं, कुछ आरोपियो को बंदी बना लिया हैं और कुछ की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले कोरबा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतीश कुमार ठाकुर एवं नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कटघोरा एवं साइबर पुलिस थाना कोरबा की विशेष टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूट प्रकरण का सफल खुलासा किया गया। कार्यवाही के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना का विवरण
प्रार्थी राजकुमार अग्रवाल निवासी वार्ड क्रमांक-10, छुरीकला, थाना कटघोरा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 01 जुलाई को दोपहर लगभग 01:00 बजे वे अपनी राज ज्वेलर्स दुकान में अकेले मौजूद थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से तीन व्यक्ति ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचे। तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिनमें दो पुरुष एवं एक पुरुष एक महिला के भेष में शामिल थे।
बताया जा रहा हैं की आरोपियों ने पहले चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया। इसी दौरान एक आरोपी ने दुकान का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया तथा दूसरे आरोपी ने देशी कट्टा निकालकर प्रार्थी की छाती पर अड़ा दिया। साथ ही उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया। छीना-झपटी के दौरान महिला वेश आरोपी दुकान में रखे आभूषण अपने बैग में भरने लगा। तीनों आरोपियों ने संयुक्त रूप से दुकान में रखे सामान की लूट का प्रयास किया, किन्तु बाहर लोगों की भीड़ एकत्रित होने पर वे मौके से भाग निकले। भागते समय वे अपने साथ लाया गया देशी कट्टा एवं बिना नंबर प्लेट की चोरी की मोटरसाइकिल घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गए।
- पुलिस ने की त्वरित एवं तकनीकी कार्यवाही
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देश पर तत्काल विशेष टीम गठित की गई। टीम को विभिन्न जिलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश हेतु रवाना किया गया। शहर एवं आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया तथा तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की लगातार पतासाजी की गई।
जानकारी देते हुए बताया जा रहा हैं की जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल के रास्तों का उपयोग कर रहे थे। पुलिस टीम ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर एवं अंबिकापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दबिश दी। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल चोरी की होना भी जांच में पाया गया।
मुखबिर से प्राप्त सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल आरोपी गोपाल सिंह गोंड, परदेशी राठिया एवं विष्णु राठिया की पहचान की गई। तत्पश्चात पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी घटना से इंकार करते रहे, किन्तु वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के समक्ष कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। - जेल में आए एक दूसरे के संपर्क में
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि तीनों आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर अपराधों में सजा काटकर जेल से छूटे थे। जेल में रहने के दौरान तीनों की आपस में मित्रता हुई, जहां उन्होंने रिहाई के बाद लूट की योजना बनाई। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए चोरी की मोटरसाइकिल एवं देशी कट्टे का उपयोग कर राज ज्वेलर्स, छुरी में लूट की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं लगातार की गई मेहनत के परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय कटघोरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। फरार आरोपी की तलाश अनवरत जारी है। - पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
उक्त गंभीर लूट प्रकरण के सफल खुलासे एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना कटघोरा प्रभारी मोती लाल पटेल, निरीक्षक धर्मनरायण तिवारी, सायबर पुलिस थाना उनि अजय सोनवानी , प्रधान आर. गुनाराम सिन्हा, आर. डेमन ओग्रे, अलोक टोप्पो, सुशील यादव, संजु सिंह, श्याग सिदार, विरकेश्वर सिंह, रवि कुमार, थाना कटघोरा सउनि. राम पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, प्र.आर अनुज सिंह, राजेश कवर, गोपाल यादव, प्रशांत सिंह, रितेश शर्मा, सुनील सिंह एवं कटघोरा पुलिस तथा विशेष टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
जेल में एक दूसरे के संपर्क में आये
पूछताछ में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर अपराधों में सजा काटकर जेल से छूटे थे। जेल में रहने के दौरान तीनों की आपस में मित्रता हुई, जहां उन्होंने रिहाई के बाद लूट की योजना बनाई। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए चोरी की मोटरसाइकिल एवं देशी कट्टे का उपयोग कर राज ज्वेलर्स, छुरी में लूट की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं लगातार की गई मेहनत के परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय कटघोरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। फरार आरोपी की तलाश लगातार जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
उक्त गंभीर लूट प्रकरण के सफल खुलासे एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना कटघोरा प्रभारी मोती लाल पटेल, निरीक्षक धर्मनरायण तिवारी, सायबर पुलिस थाना उनि अजय सोनवानी ,प्रधान आर. गुनाराम सिन्हा , आर.डेमन ओग्रे, अलोक टोप्पो, सुशिल यादव, संजु सिंह ,श्याग सिदार, विरकेश्वर सिंह, रवि कुमार, थाना कटघोरा सउनि. राम पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, प्र.आर अनुज सिंह राजेश कवर, गोपाल यादव प्रशांत सिंह , रितेश शर्मा, सुनिल सिंह एवं कटघोरा पुलिस तथा विशेष टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।



