


KORßA :-करतला के सेन्द्रीपाली में विकास ठप, सरपंच-सचिव ही लगा रहे ग्रहण, समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों में आक्रोश
तालाब गंदे, सड़कें जर्जर, नाली-अधूरे, पेयजल और अवैध शराब से परेशान गांव
कोरबा । विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत सेन्द्रीपाली में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पन्ना लाल कंवर और सचिव नीतू गुप्ता गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई तालाब हैं जो जलकुंभी और कचरे से पटे हुए हैं। तालाबों का पानी बदबूदार है, जिससे बीमारी फैलने का डर बना रहता है। कई तालाबों में पचरी नहीं बनी है और जहां बनी है वह जर्जर हो चुकी है।
बरसों पहले बनी सड़कें अब टूट-फूट चुकी हैं। मरम्मत नहीं होने से आवागमन मुश्किल है। गांव में नई सड़कों की भी जरूरत है। घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नाली नहीं है। शिकायत के बाद शुरू हुआ नाली निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जो थोड़ा बहुत बना था वह भी टूट चुका है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों में शौचालय नहीं बन पाए हैं। कुछ ग्रामीणों ने निजी खर्च से शौचालय बनवाए हैं, जबकि कई लोग आज भी खुले में शौच को मजबूर हैं।
गांव की सबसे बड़ी समस्याएं पेयजल संकट और अवैध शराब बिक्री हैं। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन पानी की सप्लाई नहीं हो रही। गांव के पुराने कुएं या तो सूख गए हैं या कचरे से भर गए हैं। एकमात्र कुएं का पानी भी नालियों का गंदा पानी रिसने से दूषित हो गया है, जिसे निस्तारी में भी उपयोग करना मुश्किल है।
इसके साथ ही गांव में अवैध शराब का कारोबार बेखौफ चल रहा है। किशोर और बुजुर्ग नशे की चपेट में आ रहे हैं। शराब के कारण हर घर में कलह की स्थिति है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव सभी समस्याओं से वाकिफ हैं, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इससे गांव का विकास पूरी तरह ठप हो गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।



