कलेक्टर डी.राहुल वेंकट ने आदेश जारी कर किरायेदार सत्यापन किया अनिवार्य
कोरबा l कोरबा जिले की सीमा रेखा से सटे जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में नागरिकों की सुरक्षा, शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य किया गया है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट (आईएएस) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत नगरीय एवं नगर बाह्य क्षेत्रों में किरायेदारों के अनिवार्य पुलिस सत्यापन संबंधी आदेश जारी किए हैं।
- जारी आदेश के प्रमुख बिंदु
जारी आदेश के प्रमुख बिंदु अंतर्गत सभी मकान मालिकों के लिए किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाना में देना अनिवार्य होगा। बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को मकान या कमरा किराये पर देना प्रतिबंधित रहेगा। किरायेदार का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर एवं वैध पहचान पत्र की जानकारी देना आवश्यक होगा।
इसके अंतर्गत पहले से निवासरत किरायेदारों का भी तत्काल सत्यापन कराना अनिवार्य है। बिना पहचान पत्र वाले किसी भी व्यक्ति को किराये पर न रखा जाए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देना अनिवार्य होगा। यह आदेश नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगरीय एवं नगर बाह्य क्षेत्रों में लागू किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश जारी दिनांक से आगामी 02 माह की अवधि तक अथवा आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
जिला प्रशासन ने सभी मकान मालिकों से अपील करी हैं कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किरायेदार सत्यापन प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करें।
जानकारी प्राप्त हुई हैं की चुकीं सर्वाधिक घुमंतू आबादी की आवक-जावक सर्वाधिक कोरबा क्षेत्र में ही होती हैं। व्ययसाय, नौकरी, पेशे से जुड़े यहाँ पहुंचने वाली एक बड़ी आबादी अस्थायी रूप से किराये पर मकान लेकर रहती हैं। पिछले दिनों जांच-पड़ताल के दौरान पता चला हैं, की नियमानुसार अपनी आमद लिपीबद्ध नहीं कराने के कारण गंभीर किस्म के अपराधियो का भी जमावड़ा लुके-छिपे तौर पर निवासरत हैं। अब किराएदारी के अनुबंध बिना रह रहे लोगो पर सशक्त कार्यवाही होने जा रही हैं।सुनिश्चीत किया गया हैं की व्यायसायिक संस्थानों में गुमास्ता कानून सशक्त तौर पर अनिवार्य रूप से लागू होने कसाहट तेज कर दी गयी हैं।
