

मार्ग अवरुद्ध करने मामले में कोतवाली जांजगीर पुलिस की सख्त कार्रवाई
* नामजद 10 लोगो एवं अन्य के विरुद्ध थाना जांजगीर में किया गया अपराध पंजीबद्ध….मुख्य मार्ग में शव को रास्ते में रखकर तथा मुआवजे की मांग को लेकर लगभग 3 घंटे तक मुख्य मार्ग को किया गया था बाधित
* *बीते कल रात्रि में नेता जी फर्नीचर दुकान जांजगीर के सामने मुख्य मार्ग में शव को रास्ते में रखकर तथा मुआवजे की मांग को लेकर लगभग 3 घंटे तक मुख्य मार्ग को किया गया था बाधित*
* *आरोपियों के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के द्वारा कार्यवाही करने के दिए गए निर्देश*
*_आरोपियों के नाम_*
1- कृष्ण टंडन
2- संजय रत्नाकर
3- मनीष गड़ेवाल
4- तरुण कश्यप
5- धीरेंद्र बौद्ध
6- सचिन सूर्यवंशी
7- दुर्गेश प्रधान
8- रामपाल दिनकर
9- सुरेंद्र रत्नाकर
10- हेमंत पैगवार
एवं अन्य
जांजगीर चांपा जिले के सुभाष चंद्र बोस चौक स्थित नेताजी फर्नीचर में कर्मचारी की छत से गिरने पर गंभीर चोट आने के बाद इलाज जारी था। 31 दिसंबर को ऑपरेशन हुआ था जोकि आज शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन दुकान संचालक से 50 लाख रुपए की मुआवजा राशि, दोनों बच्चों की पढ़ाई की मांग को लेकर पिछले दो घंटों से चक्का जाम किया गया है। साथ ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात की गई है, परिजनों को समझने का प्रयास जारी है। मिली जानकारी अनुसार, मृतक हरि चरण प्रधान 35 वर्ष जोकि नेता जी फर्नीचर की दुकान में लगभग 18 वर्षों से काम कर रहे थे। 13 नवंबर 2025 को सीढ़ी से फिसल कर गिरने से दाए पैर की जांघ और एड़ी के पास गंभीर चोट आई थी। जिसके बाद दुकान संचालक ही बिलासपुर जिले के डेका गांव में आयुर्वेदिक इलाज करा रहा था। जिसके बाद तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने 29 दिसंबर को चांपा के नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 31 दिसंबर को ऑपरेशन हुआ जिसके बाद आज शुक्रवार की दोपहर करीबन 12 बजे मौत हो गई। फर्नीचर संचालक भी घर गया हुआ था, जहां परिजनों से बात करने पर जो भी मृत के काम में जो भी खर्चा होगा दूंगा। बात तो कही मगर बात नहीं बनी, जिसे लेकर परिजनों ने भीम आर्मी के सदस्यों को सूचना दी। जिसके बाद शव को लेकर नेता जी फर्नीचर दुकान के सामने रखकर पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा, दोनों बच्चों की पढ़ाई की मांग की। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम, एसडीएम, राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। समझाइए जारी है। मगर अब तक बात नहीं बनी है।


















