छुरी जलाशय लाइनिंग निर्माण कार्य में भारी अनियमितता
0 जांच में खुली गुणवत्ताहीन निर्माण की पोल, अधिकारी, स्टाफ और ठेकेदार के लोगों ने जांच में नहीं किया सहयोग





कोरबा। रविवार को जल संसाधन विभाग बिलासपुर के मुख्य अभियंता एस आर सोनोने, अधीक्षण अभियंता ए आर कुर्रे, कार्यपालन अभियंता ई एक्का, सहायक अभियंता सीबी सिंह, अनुसंधान अधिकारी संजीव त्रिवेदी ने छुरी जलाशय लाइनिंग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्हें निर्माण कार्य में भारी अनियमितता मिली है।
जांच टीम निर्माण कार्य से संतुष्ट नहीं हुए कोरबा के जल संसाधन विभाग के अधिकारी, स्टाफ और ठेकेदार के लोगों ने जांच अधिकारियों को सहयोग प्रदान नहीं किया। इसलिए कई बिंदुओं में जांच अधूरी रह गई। प्राथमिक स्तर की जांच की गई। निरीक्षण कर टेप से नापी की गई, जहां पांच लोहे का सरिया लगाना था, वहां तीन लोहे का सरिया लगाया गया है। जांच में गैती, फावड़ा, छीनी, हथोड़ा, कटर मशीन जैसे उपकरणों का इस्तेमाल होना था, लेकिन जांच अधिकारियों के पास उक्त सामग्रियों की सुविधा नहीं थी। लाइनिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता स्तरहीन थी। निर्माणाधीन लाइनिंग के किनारे एक किसान का खेत है, उससे लोहे का सब्बल, हथौड़ी और छिनी मंगाया गया। लाइनिंग के अंदर कंक्रीट को खोदकर कर पर देखा गया। उस स्थान में सरिय चार की जगह कहीं दो तीन सरिया लगाए गए, मात्र 2 इंच का कंक्रीट किया पाया गया। किसी किसी स्थान में तीन से चार इंच कंक्रीट किया गया है। जिसकी तस्वीर एवं वीडियो सबूत के तौर पर लिया गया। लाइनिंग के निर्माण कार्य जहां हो चुके हैं उसके ऊपर पानी का नियमित रूप से छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। लाइनिंग निर्माण कार्य होने के बाद मिट्टी से बांधकर, बोरा को बिछाकर पानी भरा जाता है, जिससे अच्छे से कंक्रीट कार्य मजबूती से पक सके। बिना पानी के कंक्रीट निर्माण कार्य सफेद राखड के बराबर होता है। यही स्थिति जांच में छुरी लाइनिंग में नजर आई। जब भी लाइनिंग का कार्य किया जाता है वह सीधा होता है, लेकिन यहां टेढ़ा-मेढ़ा निर्माण कार्य किया गया है। कहीं मोटा है कहीं पतला है कहीं मुड़ा हुआ है। वही जिस लाइनिंग से पानी बहेगा वह भी अप- डाउन है। ऐसे में पानी के फ्लो का स्तर कैसे तेज गति से किसान के प्यासे खेतों में पहुंच पाएगा यह समझ से परे है। अधिकारी और ठेकेदार शासन के इस महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाने में लगे हुए हैं। जांच खुलासा हो चुका है कि अनियमितता चरम सीमा पर है। बिलासपुर से आए जांच दल का कहना है कि अभी जांच का कार्य प्राथमिक दौर पर किया गया है। अभी जांच पूर्ण नहीं हुआ है फिर से जांच करने के लिए आएंगे।
किसानों की आपत्ति दरकिनार
स्थानीय किसानों ने बताया की छुरी लाइनिंग निर्माण कार्य की गुणवत्तापूर्ण को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कर चुके हैं, लेकिन किसी की कोई परवाह न करते हुए बेधड़क गुणवत्ताहीन कार्य किया जा रहा है। किसी प्रकार का कोई अंकुश स्थानीय जल संसाधन विभाग के द्वारा नहीं लगाया जा रहा है। स्थानीय जल संसाधन विभाग के प्रभारी अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
