/सेवा की कहानी//
KORßA:-रंगों में सजा ‘मेरे सपनों का भारत’, विद्यार्थियों ने उकेरी विकसित भारत की तस्वीर
दक्ष, गरिमा और अंतिमा की रचनात्मक उड़ान, रंगों में दिखाई विकसित भारत की तस्वीर
कोरबा, 03 अक्टूबर 2026/
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा से ‘मेरे सपनों का भारत’ को जीवंत स्वरूप दिया। विभिन्न वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता में ईस्ट पॉइंट इंग्लिश स्कूल दीपका के कक्षा 5वीं के छात्र दक्ष, माध्यमिक शाला गुडरूमुड़ा की कक्षा 8वीं की छात्रा सुश्री गरिमा एवं सेजेस एनसीडीसी विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री अंतिमा कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों और रेखाओं के जरिए स्वच्छ एवं विकसित शहर, आत्मनिर्भर गांव, खुशहाल किसान, शिक्षित युवा, सशक्त महिलाएं, आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को कलात्मक अभिव्यक्ति दी। उनकी कलाकृतियों में विकास के साथ सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण की भावना भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
दक्ष ने रॉकेट प्रक्षेपण, अंतरिक्ष मे मानव की पहुँच, अत्याधुनिक सेटेलाईट को बनाया चित्र का आधार
ईस्ट पॉइंट इंग्लिश स्कूल दीपका के कक्षा 5वीं के छात्र दक्ष ने रॉकेट प्रक्षेपण, अंतरिक्ष मे मानव की पहुँच, अत्याधुनिक सेटेलाईट स्वच्छ, सुंदर और हरित परिवेश को प्रमुखता दी। उसकी कलाकृति में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रकृति के संरक्षण का संतुलित स्वरूप दिखाई दिया। दक्ष ने बताया कि वह ऐसे भारत की कल्पना करता है, जहां स्वच्छ वातावरण हो, पर्याप्त हरियाली हो और बच्चों को पढ़ने-सीखने के लिए बेहतर माहौल मिले।
गरिमा ने उभारी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण और शसक्त परिवार की तस्वीर
पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के माध्यमिक शाला गुडरूमुड़ा की कक्षा 8वीं की छात्रा सुश्री गरिमा ने शिक्षा, समान अवसर और महिला सशक्तिकरण और शसक्त परिवार को अपनी प्रस्तुति का प्रमुख विषय बनाया। उसने कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें तथा महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
अंतिमा ने दिखाई तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष यान , बुलेट ट्रेन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा
सेजेस एनसीडीसी विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री अंतिमा कुमारी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखते हुए अपनी कलाकृति तैयार की। अंतिमा ने कहा कि भारत विज्ञान और तकनीक में निरंतर आगे बढ़े, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें और विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण भी सुनिश्चित हो।
तीनों विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी आयु और वर्ग के अनुरूप विचारों की विविधता दिखाई दी। जहां दक्ष ने स्वच्छ और हरित परिवेश को महत्व दिया, वहीं गरिमा ने शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण और अंतिमा ने विज्ञान, रोजगार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को प्रमुखता दी।
अतिथियों ने की प्रतिभा की सराहना
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में तीनों विद्यार्थियों द्वारा अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अतिथियों ने उनकी कला, कल्पनाशीलता और विषय की समझ की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि चित्रकला जैसी रचनात्मक गतिविधियां बच्चों को अपनी सोच और सामाजिक सरोकारों को सहज एवं प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने का अवसर देती हैं। अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों को निरंतर रचनात्मक कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यार्थियों की कलाकृतियों ने विकसित भारत की विविध तस्वीरों को सामने रखा। इन नन्हे कलाकारों के रंगों में स्वच्छता, शिक्षा, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विचारों का सुंदर समावेश देखने को मिला।









