0 देवी मां सर्वमंगला के दरबार में नवरात्रि की तैयारियां शुरू, मनोकामना ज्योत जलवाने के लिए विदेश से भी आते हैं लोग. जिसको लेकर कोरबावासियों की आस्था काफी गहरी है. कोरबा के साथ ही पूरे प्रदेश वासी मां सर्वमंगला को काफी मानते हैं. यही वजह है कि नवरात्र के समय यहां श्रद्धालु दर्शन करने लाखों की संख्या में पहुंचते हैं.
कोरबाः आदिशक्ति मां जगदंबा की उपासना का पर्व नवरात्रि इस साल 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. नवरात्रि को लेकर मंदिरों में तैयारी शुरू कर दी गई है. कोरबा जिले की प्रथम आराध्य देवी मां सर्वमंगला के दरबार में भी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. कोरबा जिले के हरदेव नदी के किनारे स्थित मां सर्वमंगला मंदिर में देवी माँ से मांगी गई हर मुरादें पूरी होती हैं, यही कारण है कि राज्य और देश के अलावा विदेश से भी यहां माता के मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश जलवे जाते हैं।
मनोकामना ज्योत की रशीद कटनी शुरू, जिसको लेकर कोरबा वासियों की आस्था काफी गहरी है. कोरबा के साथ ही पूरे प्रदेश वासी मां सर्वमंगला को काफी मानते हैं. यही वजह है कि नवरात्र के समय यहां श्रद्धालु दर्शन करने लाखों की संख्या में पहुंचते हैं. नवरात्र में मनोकामना ज्योति कलश के लिए रशीद कटनी शुरू हो गई है।

मंदिर के राजपुरोहित पुजारी मयंक पांडे
और मंदिर में मनोकामना ज्योत जलवाने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। मंदिर के पुजारी मयंक पांडे ने बताया कि अब तक तेल ज्योति कलश के लिए
हर भक्त की मनोकामना होती है पूरी
मंदिर में मनोकामना ज्योत जलवाने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। मंदिर के राजपुरोहित पुजारी मयंक पांडे ने बताया कि अब तक तेल ज्योति कलश के लिए 3500 और घृत ज्योति कलश के लिए 4000 रशिद कट चुकी है. जिसमें एक रसीद नीदरलैंड और एक अमेरिका से भक्तों द्वारा जोत जलवाने के लिए कटवाई गई है. प्रत्येक वर्ष नवरात्रि में मनोकामना ज्योति मंदिर में प्रज्वलित किए जाते हैं।
मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित की रशीद कटनी शुरू
मां सर्वमंगला मंदिर कोरबा में नवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर हसदेव नदी के तट पर स्थित है और अपनी चमत्कारी शक्तियों और मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए जाना जाता है। इस साल नवरात्रि शुरू हो रही है,
और मंदिर में मनोकामना ज्योत जलवाने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।
*मंदिर की विशेषताएं:*
– *स्थापना*: मां सर्वमंगला मंदिर की स्थापना 1898 में हुई थी, और यह लगभग 124 साल पुराना है।
– *आस्था*: कोरबा वासियों की आस्था इस मंदिर में काफी गहरी है, और पूरे प्रदेश से लोग यहां माता के मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश जलवाते हैं।
– *मनोकामना वट वृक्ष*: मंदिर में एक 500 साल पुराना वट वृक्ष है, जो अपनी प्राचीनता और चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है। लोग इस पेड़ पर रक्षा सूत्र बांधकर मन्नत मांगते हैं।
– *नवरात्रि की तैयारियां*: मंदिर में नवरात्रि की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
