वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. जसराज जैन की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचा जनसमूह
- दी गयी भावभीनी श्रद्धांजलि
कोरबा । कोरबा अंचल के लब्धप्रतिष्ठित पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. जसराज जैन को श्रद्धांजलि देने उनके परिजनों द्वारा कोरबा अंचल के पावर हाऊस रोड स्थित पीली कोठी में श्रद्धांजलि सभा एवं शांति मिलन कार्यक्रम का आयोजन आज सुबह 11.00 बजे से किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में स्व. जसराज जैन को श्रद्धांजलि देने आम लोगों से लेकर कई दिग्गज पहुंचे थे।
इस कड़ी में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लाम्बा, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, निगम अध्यक्ष नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व निगम अध्यक्ष श्याम सुंदर सोनी, कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चौहान, पूर्व अध्यक्ष हरिश परसाई, वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश मित्तल, सत्येन्द्र वासन, रामसिंह अग्रवाल, पप्पू जैन, राजेन्द्र तिवारी, राजेन्द्र चिड़िपाल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। सबने स्वर्गीय श्री जसराज जैन को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कोरबा के कई व्यापारी, समाज सेवी संगठनों से जुड़े लोग, पत्रकार, नेता, परिजन, स्वजन सहित कई लब्धप्रतिष्ठित लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने स्वर्गीय जसराज जैन के साथ बिताए पलों को स्मरण करते हुए कहा कि जसराज जैन ने एक बुद्धिजीवी पत्रकार के रूप में जहां पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बनाई, वहीं उनका व्यक्तित्व हमारे लिए एक प्रेरणा है। डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि जसराज जैन के साथ हम युवावस्था से काम किए और उनका साथ हमेशा समाज के प्रति सकारात्मक रहा और उनके साथ रहने से हमें कई सीख भी मिली। गोपाल मोदी ने जसराज जैन को विलक्षण प्रतिभा के धनी बताया और कहा कि जसराज जैन की कलम में वह ताकत थी, जिससे कोरबा के विकास को बल मिला।
गत 24 सितंबर को नियति ने सिर्फ जैन (बोहरा) परिवार के लिए ही कहर नहीं बरपाया, अपितु वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी जसराज जैन का देवलोक गमन कोरबा के लिए भी एक रिक्तता छोड़ गया। स्वर्गीय श्री जसराज जैन एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे, जो अपने सद्व्यवहार से किसी को भी अपना बना लेने की क्षमता रखते थे। उन्होंने दशकों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी कलम की ताकत दिखाई और सिर्फ कोरबा ही नहीं, अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी एक अलग पहचान बनाई। आज तक वे युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणाश्रोत बन रहे। वे हमेशा कहा करते थे कि लेखनी में निर्माण की बात हो, विध्वंस की नहीं। सकारात्मक लेखनी से आप लंबे समय तक समाज में टिके रह सकते हो।
वे जैन समाज में भी अपनी संगठनात्मक कार्यशैली से बतौर मुखिया के रूप में एक प्रतिष्ठित जगह पर विराजमान थे और समाज के लिए मार्गदर्शक बने रहे। वे कहा करते थे कि अपनी आय का कुछ हिस्सा उन पीड़ितों के लिए रखें, जो आप से अपेक्षा भी रखते हैं और जिन्हें समाज से आस रहती है। गत 24 सितंबर को 82 वर्ष की उम्र में जसराज जैन इस लोक से देवलोक गमन कर गए। इसी दिन पोड़ीबहार मुक्तिधाम में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा था, जो उनके व्यक्तित्व को प्रदर्शित कर रहा था। 04 अक्टूबर दिन शनिवार को पीली कोठी, दीनदयाल मार्केट पावर रोड कोरबा में उनको श्रद्धांजलि देने श्रद्धांजलि सभा एवं शांति मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उन्हें श्रद्धांजलि देने पूरा अंचल उमड़ पड़ा, छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों से भी दिग्गज श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कोरबा के लिए वे सदैव प्रेरणा बनकर लोगों के दिलों में राज करते रहेंगे।
इस मौके पर उनके पुत्र सुनील जैन, राजेन्द्र जैन एवं संतोष जैन ने अपने स्वर्गीय पिता के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए पीड़ित मानवता की सेवा में अपना योगदान देने की बात कही। वे सदा चिरस्मरणीय रहेंगे।
