01 वर्ष सश्रम कारावास व 200 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित
कोरबा। नाबालिग का अपहरण कर बलात्कार के आरोपी को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (F.T.C.) कोरबा (पीठासीन न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा) ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया है। प्रकरण में राज्य शासन की ओर से सुनील कुमार मिश्रा विशेष लोक अभियोजक ने मजबूत पैरवी की।
श्री मिश्रा ने बताया कि आरोपी दशरथ सिदार, पिता स्व. प्रताप सिंह सिदार,19 वर्ष, निवासी सागौन गार्डन पोडीबहार ने घटना दिनाँक 21.06.2025 की रात्रि 01से 05 बजे के बीच थाना सिविल लाईन रामपुर क्षेत्रान्तर्गत निवासी प्रार्थी के घर से उसकी 12 वर्ष से कम आयु की नाबालिग पुत्री को बहला- फुसलाकर अपने साथ ले जाकर व्यपहरण किया। पीड़िता को जबरदस्ती अपने भाई के घर में एवं घर के पीछे खेत के तरफ ले जाकर पीड़िता के साथ बलात्कार किया एवं पीडिता के साथ मारपीट कर उसे धमकाया।
प्रकरण में सिविल लाइन थाना में अभियुक्त दशरथ सिदार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137(2), 65(2) व 115 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 06 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।
विचाराधीन मामले में आरोपी दशरथ को दोषी पाया गया। दोषसिद्ध होने पर उसे धारा 137(2) BNS में 07 वर्ष का कारावास (सश्रम), 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा 65(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा 115 BNS में 01 वर्ष सश्रम कारावास व 200 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में कारावास (सश्रम) क्रमशः 01 वर्ष (एक वर्ष),
02 वर्ष (दो वर्ष),01 माह (एक माह) भुगताया जाएगा। उपरोक्त सभी कारावासित सजायें साथ-साथ चलेंगी।
