
जंगल माफिया पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के 55 अधिकारियों के द्वारा बडी कार्यवाही, 6 अलग अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन
KORßA:-सतरेंगा:-शिक्षक सहित छह ग्रामीणों के घर दबिश, लाखों की चिरान जप्त, पुलिस बल एवं वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम के द्वारा की कार्रवाई
कोरबा। प्रदेश में पर्यटन स्थल की रूप में अपनी पहचान बना चुके सतरेंगा के जंगल में पेड़ों की कटाई व लकड़ी तस्करी का कारोबार फल फूल रहा था। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ, जब वन विभाग की टीम ने एक साथ छह अलग अलग घरों में दबिश दी। जिसमें एक सरकारी शिक्षक का मकान भी शामिल है। टीम ने तलाशी अभियान सभी घरों से बीजा, साल, हल्दू सहित अन्य प्रजाति की लकड़ी का 359 नग चिरान बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 4 लाख 25 हजार रूपए आंकी गई है। मामले में वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कोरबा वनमण्डल अंतर्गत वन परिक्षेत्र बालको के ग्राम सतरेंगा में अवैध वनोपज भंडारित होने की सूचना मुखबिरों के माध्यम से प्राप्त होने पर वन विभाग द्वारा ग्राम सतरेंगा में छापामार कार्यवाही की गई। यह कार्यवाही वनमंडलाधिकारी महोदया श्रीमती प्रेमलता यादव के आदेशानुसार तथा उपवनमंडलाधिकारी महोदय सूर्यकांत सोनी के निर्देशन में संपन्न हुई। इस कार्यवाही का नेतृत्व वन परिक्षेत्र अधिकारी बालको श्री जयंत सरकार एवं नव पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी देवव्रत सिन्हा द्वारा किया गया। प्राप्त सूचना के आधार पर नियमानुसार सर्च वारंट के साथ ग्राम सतरेंगा स्थित छह घरों में दल – बल के साथ दबिश दी गईl जिसमें एक सरकारी स्कूल के शिक्षक जगत निर्मलकर पिता तेजराम के अलावा महेत्तर सिंह पिता नान्ही श्रीवास, घांसीराम पिता रामसाय, लच्छीराम पिता उजियार साय , भगतराम पिता घांसीराम व एक अन्य ग्रामीण के घर शामिल थे। टीम मे शामिल अफसर व कर्मचारी उस वक्त आवाक रह गए, जब तलाशी के दौरान शिक्षक व ग्रामीणों के घर से लकड़ी का जखीरा बरामद हुआ। टीम ने शिक्षक के घर से साल, बीजा सहित अन्य प्रजाति के 254 नग चिरान बरामद किया, जबकि महेत्तर के घर से 73 नग चिरान, घांसी के घर से 18 नग, लच्छी के घर से दस व भगत के घर से चार नग चिरान बरामद हुआ। वन विभाग द्वारा जप्त लकड़ी चिरान की कुल तादाद 359 नग यानि 5.405 घनमीटर है, जिसकी कुल कीमत करीब 4 लाख 25 हजार आंकी गई है। गौरतलब है कि बालको वन परिक्षेत्र मे आने वाले ग्राम सतरेंगा की पहचान प्रदेश में पर्यटन स्थल के रूप में बनी हुई है। यहां प्रतिदिन दूर दूर से लोग प्रकृति की सुंदरता का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। यहां लगने वाली भीड़ की आड़ में तस्कर भी सक्रिय रहते हैं। इस दौरान भारी मात्रा में व्यापार करने के उद्देश्य से अवैध रूप से संग्रहण कर रखे गये बीजा, साल, हल्दू एवं अन्य प्रजाति के लकड़ी का चिरान बरामद की गई जिसे विधिवत जप्त किया गया।
तीन रेंज के 55 अधिकारी कर्मचारी रहे शामिल
डीएफओ श्रीमती यादव के निर्देश पर उपवनमंडाधिकारी सूर्यकांत सोनी ने कार्रवाई के लिए टीम गठित की। टीम में बालको, कोरबा व लेमरू वन परिक्षेत्र के अधिकारी कर्मचारी शामिल किए गए, जिसमें परिक्षेत्र सहायक बालको कांति कुमार कंवर, सुशील कुमार साहू अजगरबहार उत्तर, रामेश्वर सिदार बड़गांव, श्रवण गायकी लेमरू, ओमप्रकाश भारद्वाज दोंदरो, अनिल कंवर अजगरबहार दक्षिण सहित कुल 55 अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे, जिन्होंने घंटों घरों की तलाशी लेते हुए चिरान बरामद किया।
