KORßA:-केंद्र एवं राज्य सरकार पर साधा निशाना….पेट्रोल-डीजल के भाव को लेकर कहा कि देश में डीजल-पेट्रोल का भाव बढ़ना निश्चित था।:-पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया से की चर्चा……देखें वीडियो
KORßA:-केंद्र एवं राज्य सरकार पर साधा निशाना….पेट्रोल-डीजल के भाव को लेकर कहा कि देश में डीजल-पेट्रोल का भाव बढ़ना निश्चित था।:-पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया से की चर्चा……
कोरबा। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव दो दिवसीय कोरबा प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के निवास स्थान में मीडिया से चर्चा की। श्री सिंहदेव ने पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ रहे भाव को लेकर कहा कि देश में डीजल-पेट्रोल का भाव बढ़ना निश्चित था। दुर्भाग्य यह है कि जब चुनाव चल रहे थे, तो जनप्रतिनिधित्व का नेतृत्व कर रहे जिस पर हमें भरोसा करना चाहिए वे कह रहे थे कि देश में कोई किल्लत नहीं है। कांग्रेस वाले माहौल बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस लगातार कह रही थी कि दाम बढेंगे, महंगाई होगी। चुनाव खत्म होते ही डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ गए। यह और अधिक छलावा हैै कि थोड़ा-थोड़ा कर दाम बढ़ाया जा रहा है, ताकि लोगों को महसूस नहीं हो। सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति का कोई विकल्प नहीं ढूंढा। उन्हें लग रहा था कि ईरान-इजराईल युद्ध 4-7 दिन में खत्म हो जाएगा। सिंहदेव ने प्रधानमंत्री के अपील व दो गाड़ियों के काफिले के सवाल पर कहा कि यह सब दिखावा है। जब दो गाड़ी से काम चल सकता है तो हमेशा ऐसा होना चाहिए, चाहे हालात युद्ध के हों या नहीं। सुशासन तिहार को लेकर उन्होंने कहा कि प्रवास के दौरान हमने एक शिविर स्थल के पास देखा कि गड्ढा है और उसमें पानी भरा हुआ है तो आखिर यह कैसे सुशासन है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा गद्दार कहे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जितना नेता प्रतिपक्ष को गद्दार कहा जाता है यह उतना ही उचित है। आप अपनी भाषा शैली को गिराओगे आपको भी स्तर स्वच्छ व उच्च रखना होगा। आपने कहा तो ठीक, अब कोई दूसरा कह रहा है तो चुभ रहा है। रेत के अवैध उत्खनन पर उन्होंने कहा कि सरकारों को इस स्थिति में होना चाहिए कि इस पर अंकुश लगाएं। पेशा नियम के तहत गौण खनिज ग्रामसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है, यहां से संचालित होना चाहिए। गैर अनुसूचित क्षेत्र में शासन को प्रबंधन करना चाहिए। स्मार्ट मीटर के बाद बिजली बिल में बढ़ोत्तरी के सवाल पर उन्होेंने कहा कि मुझे जहांं तक पता है, यह वैकल्पिक है पर किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है कि आपको लेना ही पडेगा। बिजली उत्पादन, उसे घर तक पहुंचाने व कर्मचारियों के तनख्वा का खर्च बिजली बिल के रूप में लिया जाता है। आने वाले समय में यह प्रीपेड में कन्वर्ट होने वाला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर में यूनिट ज्यादा दिखा रहा है। लोग कह रहे हैं कि पहले बिल 200 तक आता था, वह अब 500 रूपए तक आ रहा है। साथ ही उन्होंने बांकीमोंगरा में भाजपाईयों के टेंडर विवाद के सवाल पर कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। प्रक्रिया के हिसाब से टेंडर होना चाहिए। प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया सहित अन्य उपस्थित थे।
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