

KORßA:-टीबी-मुक्त भारत अभियान के तहत ‘जोश’ टीम का शुभारंभ
युवाओं और समुदाय की भागीदारी से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समय पर जांच और उपचार के लिए किया जाएगा प्रेरित
कोरबा 08 अक्टूबर 2026/
टीबी-मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘जोश’ टीम का शुभारंभ किया गया। टीम के सदस्य युवाओं और समुदाय के सहयोग से टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएंगे तथा संभावित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने टीबी-मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर निर्धारित अवधि तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सम्मानित किया गया। एक वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर, दो वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को ब्रॉन्ज तथा तीन वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को गोल्ड मोमेंटो एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। रोटरी क्लब, एनटीपीसी, बालको तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक राज को निक्षय मित्र का प्रमाणपत्र दिया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति की सहायक संचालक श्रीमती रमा पटेल ने एचआईवी/एड्स अधिनियम, 2017 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के साथ भेदभाव रोकने, उनके अधिकारों की रक्षा करने तथा एचआईवी की रोकथाम और उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस अवसर पर एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता और भेदभाव-मुक्त व्यवहार के लिए भी संकल्प लिया गया।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जनजागरूकता जरूरी है। जोश टीम के साथ जनप्रतिनिधि लोगों तक टीबी से बचाव, जांच एवं उपचार का संदेश पहुंचाएंगे।
नगर पालिक निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि जोश टीम और एनसीसी कैडेट्स लोगों को टीबी की जांच और उपचार के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कोरोना के खिलाफ किए गए सामूहिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए टीबी उन्मूलन के लिए भी जनभागीदारी से कार्य करने का आह्वान किया। एमआईसी सदस्य एवं पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन ने वार्डों और मोहल्लों में टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने और सामूहिक प्रयासों से शहर को टीबी-मुक्त बनाने की अपील की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने बताया कि टीबी-मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में जोश टीम और एनसीसी कैडेट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में टीबी की पहचान और उपचार के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। नॉट टेस्ट, एक्स-रे और पोर्टेबल एक्स-रे की व्यवस्था से टीबी की समय पर पहचान कर मरीजों का उपचार शुरू किया जा सकता है। समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. बी.आर. रात्रे ने टीबी के लक्षणों, उपचार, निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र पहल की जानकारी दी। उन्होंने लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने और उपचार के दौरान दवाएं नियमित रूप से लेने की अपील की।
इस अवसर पर नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षद एवं एल्डरमेन, ग्राम पंचायतों के सरपंच, बालको के टीबी कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, रोटरी क्लब के अध्यक्ष श्री सतनाम सिंह मल्होत्रा एवं उनकी टीम, कैप्टन श्री राजेन्द्र सिंह और एनसीसी कैडेट्स, माई भारत के सदस्य तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









