मानिकपुर के भू-विस्थापितों ने किया प्रदर्शन
0 रोजगार में 90 प्रतिशत आरक्षण की मांग
0 मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावन

महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं तो प्रबंधक कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा
कोरबा। सोमवार को एसईसीएल मानिकपुर क्षेत्र में खदान विस्तार से प्रभावित हुए गांवों के ग्रामीणों ने रोजगार और पुनर्वास की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। प्रभावित ग्राम भू-विस्थापित समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने मानिकपुर क्षेत्र महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं तो प्रबंधक कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा।
समिति में भिलाईखुर्द क्रमांक 1, 2, 3, रापाखर्रा, कुदरीखार, दादरखुर्द, डेलवाडीह, बरसपुर, कर्रानारा, कदमाहाबार के ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मानिकपुर खदान के विस्तार के समय उनकी उपजाऊ और सिंचाई युक्त भूमि को नाला डायवर्सन के नाम पर अधिग्रहित कर लिया गया। अब मकान और खेती योग्य जमीन भी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। रोजगार के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिले हैं, लेकिन जमीन जाने के बाद अब जीविका का कोई साधन नहीं बचा है। ग्रामीणों ने 5 प्रमुख मांगें रखी है। जिसमें निजी ठेका कंपनियों में प्रभावित गांवों के मूल निवासियों को रोजगार में पहली प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीणों द्वारा योग्यता अनुसार जमा किए गए आवेदन पत्रों का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की है। साथ ही बिचौलियों के हस्तक्षेप को बंद करने की मांग रखी है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया में भू-विस्थापित समिति का हस्ताक्षर अनिवार्य किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी एसईसीएल की खदानों में कार्यरत निजी ठेका कंपनियों में 90 प्रतिशत स्थानीय भू-विस्थापितों को रोजगार में आरक्षण दिया जाए। इसके लिए ठेका कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। निजी ठेका कंपनियों के साथ भू-विस्थापित समिति की बैठक आयोजित की जाए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय किए जाएं। समिति के सदस्यों ने कहा कि वर्षों से आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ। यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो सभी प्रभावित गांवों के लोग एसईसीएल मानिकपुर प्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।



