KORBA:-कोरबा में स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से त्रस्त जनता, 400 यूनिट मुफ्त बिजली बहाल नहीं हुई तो सड़क पर उतरेगी कांग्रेस – जयसिंह अग्रवाल

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का सरकार पर हमला, कहा- ‘ट्रिपल इंजन’ नहीं, यह ‘बिना इंजन’ की सरकार है
कोरबा। बिजली बिलों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटरों की मनमानी और बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने राज्य सरकार पर आम जनता के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
इस दौरान रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया, पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, पार्षद रवि चंदेल, नारायण कुर्रे, पालुराम साहू, कुसुम द्विवेदी, अर्चना उपाध्याय, सपना चौहान सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
सरकार पर गंभीर आरोप
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ढाई साल में बिजली दरों में दो बार बढ़ोतरी कर आम जनता की जेब पर बोझ डाल दिया। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया गया। विरोध के बाद 200 यूनिट की योजना तो लाई गई, लेकिन रीडिंग की कोई तय तारीख न होने से स्लैब बदल जा रहा है और जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा।
स्मार्ट मीटर को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल हैं। सरकार इसे जनहितैषी बता रही है, जबकि जनता इससे परेशान है।
कांग्रेस की 4 प्रमुख मांगें
- स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय को तत्काल स्थगित किया जाए
- स्मार्ट मीटरों का तकनीकी और सामाजिक ऑडिट कराया जाए
- 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को फिर से शुरू किया जाए
- बिजली बिलों की गणना प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए
‘बिना इंजन’ की सरकार
नियामक आयोग के हवाले से बिजली दरें बढ़ाने पर तंज कसते हुए अग्रवाल ने कहा “प्रदेश को नियामक आयोग चला रहा है या सरकार?”। उन्होंने सत्ता पक्ष के ‘डबल-ट्रिपल इंजन’ के दावे पर कहा कि “यह ‘बिना इंजन’ की सरकार है, जिसे महंगाई और जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं”।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और आउटसोर्सिंग में युवाओं के शोषण का मुद्दा भी उठाया। साथ ही रामपुर में विरोध के बाद बरबसपुर में शराब दुकान खोलने के फैसले को जनभावनाओं के खिलाफ बताया।
आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने चेतावनी दी कि अगर बिजली दरें वापस नहीं ली गईं, स्मार्ट मीटर की समीक्षा नहीं हुई और 400 यूनिट की योजना बहाल नहीं हुई तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन करेगी।



