कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में गेवरा क्षेत्र के सतत पुनर्प्रयोजन पर हितधारक बैठक संपन्न
स्थानीय सहभागिता से तैयार होगी गेवरा क्षेत्र के पुनर्प्रयोजन की कार्ययोजना: कलेक्टर कुणाल दुदावत
गेवरा क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए साक्ष्य-आधारित पुनर्प्रयोजन रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा
कोरबा, 29 जुलाई 2026/
माइनिंग प्लान व माइन क्लोजर एडवाइजरी कमिटी के चेयरमैन एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च सेंटर (जेटीआरसी) द्वारा गेवरा कोयला खनन क्षेत्र के सतत पुनर्प्रयोजन विषय पर हितधारक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में खनन गतिविधियों में होने वाले क्रमिक परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में गेवरा क्षेत्र के दीर्घकालिक सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय विकास की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के वरिष्ठ अधिकारी, माइन क्लोजर एडवाइजरी कमेटी के सदस्य, जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच, पार्षद, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा अन्य प्रमुख हितधारक शामिल थे।
कलेक्टर व समिति के चेयरमैन श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के भविष्य को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुनर्प्रयोजन की प्रक्रिया में शासन की विभिन्न योजनाओं, उपलब्ध नियामकीय एवं वित्तीय प्रावधानों तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में रोजगार, आजीविका और सतत विकास के नए अवसर सृजित हो सकें।
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर प्रदीप स्वर्णकार ने वर्ष 2025 के अद्यतन माइन क्लोजर दिशानिर्देशों के अंतर्गत रीक्लेम फ्रेमवर्क (खनन उपरांत भूमि के पुनर्विकास एवं सतत उपयोग की रूपरेखा) की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों की समाप्ति के बाद भी क्षेत्र सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुदृढ़ बना रहे, इसके लिए स्थानीय लोगों की राय एवं अपेक्षाओं को योजना निर्माण का आधार बनाया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान स्थानीय परिस्थितियों, चुनौतियों एवं जन-आकांक्षाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर साक्ष्य-आधारित पुनर्प्रयोजन (तथयों एवं प्रमाणों पर आधारित पुनर्प्रयोजन) की रणनीति तैयार करने पर सहमति व्यक्त की गई, जिससे भविष्य की योजनाएँ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित की जा सकें।
बैठक में युवाओं एवं महिलाओं के बहु-कौशल विकास (विभिन्न रोजगारोन्मुख कौशलों का विकास) को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। प्रस्तावित पुनर्प्रयोजन के प्रमुख क्षेत्रों में तकनीकी विकास, कृषि, पर्यटन, पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन (प्राकृतिक पर्यावरण की पुनर्बहाली), आजीविका विविधीकरण, कौशल विकास तथा नवीकरणीय ऊर्जा (पुनः प्राप्त होने वाले प्राकृतिक स्रोतों से उत्पादित ऊर्जा) को प्रमुखता से शामिल किया गया।
बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर गेवरा क्षेत्र के लिए स्थानीय आवश्यकताओं एवं जन-अपेक्षाओं के अनुरूप दीर्घकालिक पुनर्प्रयोजन की कार्ययोजना तैयार किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
KORßA:-कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में गेवरा क्षेत्र के सतत पुनर्प्रयोजन पर हितधारक बैठक संपन्न….गेवरा क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए साक्ष्य-आधारित पुनर्प्रयोजन रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा
Related Posts
About Us

Rameshwar Thakur
Owner & Editor
Disclaimer
श्री गणेशाय: नमः
छत्तीसगढ़ की खबरें प्राथमिकता से प्रकाशित की जाती हैं, जिसमें जनहित की सूचनाएं, समसामयिक घटनाओं पर आधारित खबरें प्रकाशित की जाती हैं। साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री (समाचार / फोटो / वीडियो आदि) शामिल होगी।
SHIKHARKESRI.COM इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। साइट में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, इसके लिए SHIKHARKESRI.COM या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी ज़िम्मेदारी नहीं होगी।
Important Links
© 2025 Shikharkeshri.com | All Rights Reserved | Develop By Nimble Technology.


