सिर्फ रेल टिकट न होने से ट्रेन एक्सीडेंट का दावा खारिज नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। साल 2015 में हुए एक रेल दुर्घटना मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़ित के परिवार को सिर्फ इस आधार पर मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता कि मृतक के पास से ट्रेन का टिकट नहीं मिला था. कोर्ट ने मृतक की विधवा को 8 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 जुलाई) को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रेन हादसों में जान गंवाने वाले व्यक्ति के पास से टिकट बरामद नहीं होने भर से उसके परिजनों को मुआवजा देने से इनकार नहीं किया जा सकता. यह फैसला 2015 में हुए एक रेल हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर विधवा लता को 8 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया.



