
KORßA:-बरपाली में कांग्रेस कार्यकर्ता ने सांसद-विधायक के सामने उठाए सवाल: बोला- गांव में नल तो लगा, लेकिन पानी नहीं आया
सांसद// विधायक प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बरपाली/कोरबा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरपाली के संगठन सृजन अभियान कार्यक्रम के दौरान उस समय चर्चा का माहौल बन गया, जब एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत और रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के सामने गांवों में जल जीवन मिशन की जमीनी स्थिति को लेकर सवाल उठाए। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ और जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा ग्रामीण के मार्गदर्शन में समरसता भवन बरपाली में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था, लेकिन इसी मंच से जल जीवन मिशन की हकीकत सामने आ गई।
कार्यक्रम में सांसद ज्योत्सना महंत जल जीवन मिशन को फेल बता रही थीं और भाजपा सरकार पर हमला बोल रही थीं, तभी एक स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता ने खड़े होकर कहा कि गांवों में जल जीवन मिशन के तहत नल तो लगाए गए हैं, लेकिन कई जगहों पर अब तक नलों से पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि केवल नल लगा देना पर्याप्त नहीं है, जब तक ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध न हो। यह योजना सिर्फ कागजों पर सफल दिखाई दे रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
सांसद// विधायक प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कार्यकर्ता ने जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गांवों की वास्तविक समस्याओं और योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी सही तरीके से सांसद और विधायक तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि आपने क्षेत्र में सांसद प्रतिनिधि और विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं, लेकिन वे आपको सही फीडबैक नहीं दे रहे हैं। अगर देते तो आपको पता होता कि बरपाली ब्लॉक के कई गांवों में नल लगे होने के बाद भी एक बूंद पानी नहीं आ रहा।
कार्यकर्ता ने सवाल किया कि यदि गांव में नल लगा है, लेकिन पानी नहीं मिल रहा है, तो इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों तक क्यों नहीं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि गांवों में जाते ही नहीं हैं और सिर्फ अपने करीबी लोगों की जानकारी आप तक पहुंचाते हैं। इससे आम जनता और सच्चे कार्यकर्ताओं की आवाज दब रही है। कार्यकर्ता के इस सवाल के बाद सभास्थल में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया और फिर अन्य कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर आपस में चर्चा करने लगे।
*सांसद और विधायक ने दिया जांच का आश्वासन*
कार्यकर्ता ने इस दौरान गांव की समस्याओं को लेकर अपनी बात स्पष्ट रूप से सांसद और विधायक के सामने रखी। उनकी बात सुनकर सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत और विधायक फूलसिंह राठिया ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही।
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि कार्यकर्ता ने जो बात कही है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में काम कर रहे प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे गांवों की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराएं। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित समस्या की जानकारी लेकर अधिकारियों से चर्चा करने और जल्द ही मौके पर जाकर हकीकत देखने की बात कही।
विधायक फूलसिंह राठिया ने भी कहा कि जल जीवन मिशन के तहत शिकायतें

विधायक फूलसिंह राठिया ने भी कहा कि जल जीवन मिशन के तहत शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कई जगह पाइपलाइन बिछा दी गई है, टंकी बन गई है, नल लगा दिया गया है, लेकिन मोटर नहीं है, बिजली कनेक्शन नहीं है या टंकी में पानी ही नहीं भरा जा रहा। उन्होंने कहा कि इस योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और हम इसे विधानसभा में भी उठाएंगे।
जल जीवन मिशन बना चर्चा का मुख्य विषय
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए नलों से पानी की वास्तविक आपूर्ति, योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं को लेकर चर्चा होती रही। कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी बताया कि उनके गांव में भी यही स्थिति है। बरपाली, केरवाद्वारी, सोनगुढ़ा सहित कई पंचायतों में नल जल योजना अधूरी पड़ी है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में कोरबा जिले में हजारों घरों में नल कनेक्शन दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में कई गांवों में टोंटी से पानी नहीं आ रहा। ग्रामीण आज भी हैंडपंप और कुएं पर निर्भर हैं। पाइप फटना, टंकी लीकेज होना और मेंटेनेंस न होना आम समस्या बन गई है।
*संगठन के लिए सबक*
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस घटना ने कांग्रेस संगठन के लिए भी एक संदेश दिया है। संगठन सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय बनाना था। कार्यकर्ता के सवाल ने यह दिखा दिया कि नेतृत्व और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच संवाद की कमी है। सांसद और विधायक तक जमीनी जानकारी पहुंचाने वाले प्रतिनिधियों को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने भी माना कि इस तरह के सवाल संगठन को मजबूत ही करते हैं। यदि कार्यकर्ता खुलकर अपनी बात रखेगा, तभी संगठन मजबूत होगा।
*अब आगे क्या?*
मामला सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि संबंधित गांवों में नल लगने के बावजूद पानी की आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है और इसका समाधान कब तक किया जाता है। क्या सांसद और विधायक अपने प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे? क्या जल जीवन मिशन की जमीनी जांच होगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे। फिलहाल, एक कार्यकर्ता के सवाल ने बरपाली के इस राजनीतिक कार्यक्रम को चर्चा का विषय बना दिया है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर, उषा तिवारी, अशोक रजवाल, अब्दुल सुभान, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष देवांगन, प्रमोद श्रीवास सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।








