
कोरबा में कांग्रेस की प्रेस वार्ता में दो बड़े मुद्दे गरमाए: महंगे बिजली बिल-स्मार्ट मीटर से लेकर मानिकपुर फ्लाई ऐश डंपिंग तक सरकार और SECL,बालको पर सवाल
स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया रोकने और हाफ बिजली बिल योजना बहाल करने की मांग, फ्लाई ऐश मामले में स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच की मांग
कोरबा। जिला कांग्रेस कार्यालय, टीपी नगर में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और SECL प्रबंधन से जुड़े कई जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री नोवेल वर्मा, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने एक ओर बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार पर निशाना साधा, वहीं दूसरी ओर मानिकपुर ओपन कास्ट खदान में फ्लाई ऐश डंपिंग के मामले में SECL की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच/इंक्वायरी की मांग की।
स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भारी वृद्धि हो रही है। उनका कहना है कि कई उपभोक्ताओं के बिल पहले की तुलना में दोगुने-तिगुने तक आने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
कांग्रेस ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना को दोबारा लागू करने की मांग की। साथ ही स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने, बढ़े हुए बिजली बिलों की पारदर्शी जांच कराने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण करने की मांग रखी गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
मानिकपुर फ्लाई ऐश डंपिंग मामले में SECL से जवाब मांगा
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मानिकपुर ओपन कास्ट खदान में फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर SECL प्रबंधन द्वारा केंद्रीय कोयला मंत्रालय को दी गई जानकारी और मौके की स्थिति में कथित विरोधाभास का मुद्दा उठाया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 में केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को पत्र भेजकर मानिकपुर में फ्लाई ऐश डंपिंग के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। उनके अनुसार, जवाब में SECL की ओर से बताया गया कि मानिकपुर की बंद पड़ी खदान में 5 नवंबर 2025 से फ्लाई ऐश डंपिंग बंद है। वहीं, जून 2026 के फोटो और अन्य साक्ष्यों में डंपिंग जारी होने का दावा किया गया।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यह किसी अधिकारी विशेष को बदनाम करने का विषय नहीं है, बल्कि SECL की संस्थागत जवाबदेही और दी गई जानकारी की सत्यता की जांच का मामला है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय इंक्वायरी कराई जाए और यह सार्वजनिक किया जाए कि मंत्रालय को डंपिंग बंद होने की जानकारी किस आधार पर दी गई थी।
भू-विस्थापितों के लंबित मामलों पर भी उठी आवाज
प्रेस वार्ता में भू-विस्थापित परिवारों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने कहा कि SECL की परियोजनाओं के कारण प्रभावित परिवारों के सामने आज भी मुआवजा, पुनर्वास-पुनर्स्थापन, रोजगार तथा छूटे हुए मकानों और जमीन के पुनः सर्वे जैसे मामले लंबित हैं।
मांग की गई कि प्रभावित परिवारों के मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए तथा लंबित मुआवजा और पुनर्वास संबंधी प्रकरणों पर स्पष्ट कार्रवाई की जाए। साथ ही छूटे हुए मकानों और जमीन का पुनः सर्वे कर पात्र प्रभावितों को उनका अधिकार दिलाने की मांग रखी गई।
BALCO क्षेत्र की जर्जर सड़कों और ठेका श्रमिकों का मुद्दा भी उठाया
प्रेस वार्ता से जुड़े जनहित संदेश में BALCO क्षेत्र की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि गहरे गड्ढों और भारी औद्योगिक वाहनों की आवाजाही के कारण स्थानीय नागरिकों, श्रमिकों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। सड़कों का तकनीकी आकलन कर तत्काल मरम्मत तथा स्थायी सड़क निर्माण की समयसीमा तय करने की मांग की गई।
इसके अलावा BALCO में कार्यरत ठेका श्रमिकों के मजदूरी, कार्य घंटे, ओवरटाइम, बीमा तथा स्वास्थ्य-सुरक्षा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग भी सामने रखी गई। स्थानीय योग्य युवाओं, स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों को रोजगार एवं व्यवसाय में उचित अवसर देने पर भी जोर दिया गया।
कांग्रेस ने कहा—विकास के साथ जनहित और जवाबदेही भी जरूरी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उद्योग और विकास का विरोध नहीं है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनता, श्रमिकों और भू-विस्थापित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं से लेकर भू-विस्थापितों के अधिकार और औद्योगिक क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं तक सभी मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, रामपुर विधानसभा क्षेत्र विधायक प्रतिनिधि प्रवीण ओंगारे, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









