KORBA:-पुलिस एवं बैंक अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित………..साइबर ठगी की राशि वापसी, बैंक खातों पर होल्ड एवं एआरएम-जीआरएम पोर्टल की समस्याओं के निराकरण पर हुई विस्तृत चर्चा
- साइबर ठगी की राशि पीड़ितों को वापस दिलाने, बैंक खातों पर होल्ड तथा एआरएम-जीआरएम पोर्टल पर लंबित अनुरोधों के त्वरित निराकरण के संबंध में बैंक अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
- सभी बैंक अधिकारियों को अपनी-अपनी शाखाओं में ग्राहकों को अनजान लिंक, ओटीपी साझा करने, एपीके फाइल, फर्जी ऑनलाइन लोन एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
कोरबा, दिनांक 09 अक्टूबर 2026।
पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कोरबा के सभाकक्ष में साइबर थाना कोरबा द्वारा जिले के समस्त बैंकों के शाखा प्रबंधकों एवं संबंधित बैंक अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नितीश कुमार ठाकुर तथा डीएसपी श्री रजत कुमार नाग की उपस्थिति में साइबर अपराधों से संबंधित प्रकरणों, बैंकिंग संबंधी समस्याओं तथा उनके प्रभावी निराकरण के लिए पुलिस एवं बैंक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण, पीड़ितों की ठगी गई राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को सुगम बनाने तथा एआरएम एवं जीआरएम पोर्टल के उपयोग के दौरान आने वाली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान साइबर फ्रॉड के प्रकरणों में संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाने, पीड़ितों के बैंक खातों से संबंधित समस्याओं, अन्य राज्यों के बैंक खातों पर होल्ड लगाए जाने के पश्चात जीआरएम पोर्टल पर आने वाली कठिनाइयों तथा लंबित अनुरोधों के निराकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही पोर्टल पर अनुरोध दर्ज करने की प्रक्रिया, लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा तथा साइबर ठगी की राशि की बरामदगी एवं नियमानुसार पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में साइबर नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नितीश कुमार ठाकुर तथा डीएसपी श्री रजत कुमार नाग ने बैंक अधिकारियों के साथ साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों के निराकरण में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई, आपसी समन्वय एवं सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही साइबर ठगी के पीड़ितों को यथासंभव शीघ्र राहत उपलब्ध कराने तथा पोर्टल पर लंबित अनुरोधों के निराकरण में आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के संबंध में चर्चा की गई।
बैठक में साइबर सुरक्षा एवं जन-जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई। सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी-अपनी शाखाओं एवं कार्यक्षेत्रों में ग्राहकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के संबंध में नियमित रूप से जागरूक करें। आम नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, किसी के साथ ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, अनजान एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा फर्जी ऑनलाइन लोन, डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य ऑनलाइन ठगी के तरीकों से सतर्क रहने के संबंध में जानकारी देने पर जोर दिया गया।
कोरबा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने, साइबर ठगी की राशि की वापसी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस एवं बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में यह बैठक आयोजित की गई।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
आम नागरिक ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्कता बरतें। अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने तथा अनजान एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।









