

पेंशन और वेतन को लेकर नाराजगी, सरकार को आंदोलन की चेतावनी
जिला-जनपद पंचायत कर्मचारियों की चेतावनी: मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल, हाईकोर्ट का लेंगे सहारा
कोरबा। छत्तीसगढ़ जिला-जनपद पंचायत कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारी प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे और अंततः अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
रविवार को कोरबा में आयोजित संघ की प्रांतीय बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, समय पर वेतन भुगतान, शासकीय कर्मचारियों के समान सुविधाएं तथा अन्य लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ज्ञापन पर शीघ्र निर्णय की मांग
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन पर यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें पेंशन सहित कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
पहले हड़ताल, फिर हाईकोर्ट
संघ ने कहा कि मांगों की लगातार अनदेखी होने पर पहले प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारी न्यायालय की शरण लेंगे। संघ ने सरकार से कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर विवाद का समाधान करने की अपील की है। बैठक में बी. आर. साहू, सरवेंद्र सिंह, संतोष सोनी, विनोद सिंह ठाकुर, ललित लाल, डी. के. अंबेरिया, पंचराम श्रीवास्तव, प्रमोद चौबे, डी. आर. गंगबेर, संतोषा फिलिप, प्रतिमा द्विवेदी, मनोज शुक्ला, डी. आर. साहू, योगेन्द्र साहू, संदीप कुमार सिंह, दुर्गेश यादव, जी. पी. गोराहा, के. के. राजपूत, टी. वी. शर्मा, ओ. पी. राठौर, सुरेश पांडे सहित छत्तीसगढ़ जिला-जनपद पंचायत कर्मचारी संघ के प्रदेशभर से आए पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।



