


KORBA: रामलीला में छाए ‘हनुमान अंश’ के नायक शोभिनव सत्य, बोले- सबसे प्रेम करो, भूखे को भोजन कराओ और राम नाम लो
रामलीला में हनुमान अंश के नायक ने दिया सेवा और राम नाम का संदेश
0 शोभिनव सत्य बोले—सबसे प्रेम करो, भूखे को भोजन कराओ और राम का नाम लो
0 दूसरे दिन पुष्पवाटिका, धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का हुआ मंचन
कोरबा। घंटाघर स्थित ओपन थियेटर मैदान में नगर पालिक निगम द्वारा आयोजित छह दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच हनुमान अंश फिल्म के अभिनेता शोभिनव सत्य विशेष आकर्षण रहे। उन्होंने मंच से श्रद्धालुओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए प्रेम, सेवा और राम नाम का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने श्रीराम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना के साथ किया। इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जुड़ावन सिंह ठाकुर, चंद्रकिशोर श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह सहित एमआईसी सदस्य, पार्षद और एल्डरमेन मौजूद रहे। मंच से संबोधित करते हुए शोभिनव सत्य ने कहा कि उन्हें जो कुछ मिला है, वह हनुमान जी और बाबा नीब करौरी की कृपा से मिला है। उन्होंने बाबा नीब करौरी की तीन प्रमुख शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सबसे प्रेम और उनकी सेवा करना, भूखे को भोजन कराना और राम का नाम लेना जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन शिक्षाओं को आत्मसात करने से समाज की कई बुराइयों को दूर किया जा सकता है। शोभिनव सत्य ने कोरबा बुलाने के लिए उद्योग मंत्री, महापौर और निगम आयुक्त का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कोरबा आना उनके लिए सौभाग्य की बात है और मां सर्वमंगला के दर्शन का अवसर भी मिला। उन्होंने वर्ष में कम से कम एक बार कोरबा आने की इच्छा जताई। उन्होंने ‘हनुमान अंशÓ फिल्म को मिले दर्शकों के प्यार का श्रेय हनुमान जी के आशीर्वाद को दिया और लोगों से फिल्म देखने तथा बाबा नीब करौरी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
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इन प्रसंगों का हुआ मंचन
रामलीला के दूसरे दिन पुष्पवाटिका, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, राजतिलक तथा मंथरा-कैकेयी संवाद सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। आयोजन के तहत 18 अक्टूबर को पंचवटी, सीता हरण, राम-हनुमान मिलन, राम-सुग्रीव मैत्री, बाली वध और लंका दहन का मंचन किया जाएगा। 19 अक्टूबर को सेतु बंध, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध, रावण वध और राज्याभिषेक के प्रसंग होंगे। 20 अक्टूबर को रावण दहन के साथ मधुर संगीत कार्यक्रम के साथ रामलीला का समापन होगा।










