अब पहले दिन से ही बच्चे नई यूनिफॉर्म में नजर आएंगे।
नवीन शिक्षण सत्र, नई यूनिफॉर्म और नए पाठ्यक्रम के साथ पहले दिन से होगी पढ़ाई
कोरबा। जिले में नया शिक्षा सत्र 16 जून से कई बड़े बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। इस बार स्कूल खुलते ही पढ़ाई शुरू कराने पर पूरा फोकस रहेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षण व्यवस्था, मॉनिटरिंग और विद्यार्थियों के बुनियादी सीखने के स्तर को लेकर विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। अधिकारियों को समयबद्ध जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं ताकि जुलाई से पहले सभी व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएं।
राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक की नई गणवेश लागू होगी। चौथी और सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों में भाषा दक्षता बढ़ाने के लिए बारहखड़ी, इमला और शुद्ध लेखन पर विशेष जोर रहेगा। सरकार ने इस बार निगरानी
व्यवस्था को भी पहले से अधिक सख्त बनाया है। कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, बीईओ और एबीईओ स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जांच होगी। शिक्षा विभाग निर्देशानुसार संस्था प्रमुखों को 16 जून तक अध्यापन समय-सारिणी जारी करनी होगी। वहीं प्रवेश प्रक्रिया 30 जून तक हर हाल में पूरी करने के आदेश दिए गए हैं। उद्देश्य यह है कि जुलाई शुरू होते ही पूरा ध्यान केवल पढ़ाई और सीखने के परिणामों पर रहे।
स्कूलों में प्रार्थना सभा को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र और शांति पाठ नियमित रूप से होंगे। छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहारों और स्थानीय स संस्कृति की जानकारी बच्चों को दी जाएगी। महापुरुषों के चित्रों के माध्यम से उनकी जीवनी बताई जाएगी। शनिवार को बाढ़, आग और अन्य आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों पर आधारित एक्टिविटी डे आयोजित होगा।
जवाबदेही बढ़ी, तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा
इस बार शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होगा। जिला प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों की नियमित समीक्षा करेंगे। शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरी तरह ऑनलाइन में साउंड सिस्टम उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे शिक्षा प्रभावी होगी। माध्यम से कराया जाएगा। नई शिक्षा व्यवस्था में प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की बुनियादी पढ़ाई मजबूत करने पर जोर रहेगा। बारहखड़ी, इमला, लेखन और भाषा कौशल को नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाया जाएगा। चौथी और सातवीं कक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम लागू होगा।

