

रामकचहरी के ऐतिहासिक स्थल का होगा इकोफ्रेंडली विकास, महापौर ने देहदानी परिवारों और स्वच्छता दीदियों को किया सम्मान
03 हजार फुट की ऊंचाई से दिया गया स्वच्छता का संदेश
’’ चलो रामकचहरी-राम भांचा के द्वार ’’ वाकथान का आयोजन अध्यात्म, प्रकृति, पर्यावरण व स्वच्छता का अद्भूत मिश्रण – शोभिनव सत्य
(आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों व नागरिकों ने दूधीडांगर से पुटका पहाड़ रामकचहरी तक वाकथान कर पूरी की 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा )
( महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने पदयात्रियों का किया उत्साहवर्धन, देहदानी परिवारों को किया सम्मानित )
कोरबा 17 अक्टूबर 2026 – हनुमान अंश मूवी के नायक श्री शोभिनव सत्य ने नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित वाकथान की प्रशंसा करते हुये कहा है कि निगम द्वारा ’’ चलो रामकचहरी – राम भांचा के द्वार ’’ वाकथान का यह सुंदर आयोजन अध्यात्म, प्रकृति, पर्यावरण व स्वच्छता का अद्भूत मिश्रण है, इस वृहद आयोजन के लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत एवं आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय को साधुवाद देता हूॅं कि उन्होने हम सबको प्रकृति एवं अध्यात्म से जोड़ने के लिये यह सुंदर व सफल आयोजन किया है।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण अभिनव पहल करते हुये ’’ चलो रामकचहरी- राम भांचा के द्वार ’’ वाकथान का आयोजन किया गया, कोरबा जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर दूधीडांगर से पुटका पहाड़ रामकचहरी तक वाकथान आयोजित हुआ। आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के साथ अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, एसडीएम सरोज महिलांगे व नगर निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारियों ने लगातार 13 किलोमीटर पैदल चलकर यह वाकथान पूरा किया। वाकथान समापन स्थल पर हनुमान अंश मूवी के नायक श्री शोभिनव सत्य व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। श्री शोभिनव सत्य ने वहॉं पर स्थित हनुमान जी की प्रतिमा पर बंदन लेपन किया व पूजा अर्चना की तथा रामकचहरी स्थल का दर्शन कर वहॉं का इतिहास जाना।
03 हजार फुट की ऊंचाई से दिया स्वच्छता का संदेश – श्री शोभिनव सत्य ने पुटका पहाड़ की 03 हजार फुट की ऊंचाई से स्वच्छता का संदेश देते हुये कहा कि महापौर व आयुक्त की पहल पर निगम के सफाई मित्रों व कर्मचारियों ने रामकचहरी क्षेत्र की साफ-सफाई की, जो निश्चित रूप से सराहनीय कार्य है। स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण व प्रकृति का संरक्षण एवं अध्यात्म व राम भक्ति का पाठ भी पढ़ने को मिला, रामकचहरी आकर अत्यंत सुखद अनुभव हुआ।
अध्यात्म, प्रकृति व स्वच्छता का संगम – इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि नगर निगम कोरबा द्वारा आयोजित यह वाकथान अध्यात्म, प्रकृति व स्वच्छता का संगम है, दूधीडांगर से वन अच्छादित क्षेत्र से गुजरती हुई 13 किलोमीटर लंबी इस वाकथान यात्रा के माध्यम से अध्यात्म से जुड़ने, प्रकृति का संरक्षण करने व स्वच्छता को अपनाने का संदेश दिया गया है। इस वाकथान में सम्मिलित होने वाले समस्तजनों को बधाई देती हूॅं।
यह वाकथान केवल एक यात्रा नहीं – इस अवसर पर आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि यह वाकथान केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, स्वास्थ्य जीवन शैली और प्रभु श्रीराम के प्रति अटुट आस्था का अनुठा संगम है, इस यात्रा के माध्यम से पर्यावरण को बचाने, साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करने, एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के साथ-साथ अध्यात्म से अपने आप को जोड़ने का संदेश दिया गया है। उन्होने कहा कि रामकचहरी एक अध्यात्म व ऐतिहासिक स्थल है, रामवन गमन के दौरान भगवान श्रीराम यहॉं रूके थे, पण्डो जनजाति ने यहॉं धार्मिक रूप से स्थापित किया था, जिला प्रशासन, पंचायत व वन विभाग के सहयोग से रामकचहरी के इस ऐतिहासिक स्थल का इकोफं्रेडली विकास की दिशा में कदम उठाये जाएंगे।
महापौर ने किया देहदानी परिवारों का सम्मान – आयोजन स्थल पर भारत विकास परिषद के तत्वाधान में देहदानी परिवारों को सम्मानित करने का कार्यक्रम रखा गया था, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने इस मौके पर देहदानदाता परिवार के सदस्य रमेश साहू, धनंजय चौहान, महेन्द्र महतो व संतोष महंत को सम्मानित किया, वहीं नेत्रदान करने वाले डॉ.एम.एन.उपाध्याय की धर्मपत्नी श्रीमती हंसा उपाध्याय को सम्मानित किया गया।
स्वच्छता दीदियों का सम्मान – महापौर श्रीमती राजपूत ने इस मौके पर साफ-सफाई व स्वच्छता कार्यो में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया। उन्होनेे प्लास्टिक संग्रहण में उत्कृष्ट कार्य हेतु कविता गुप्ता, कार्य में सर्वाधिक उपस्थिति के लिये यशोदा यादव, गीले कचरे से सबसे ज्यादा खाद बनाने के लिये रोशन बेक, डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण में शत प्रतिशत कार्य हेतु उर्मिला बरेठ तथा कबाड़ से जुगाड़ से सुंदर कलाकृति निर्माण के लिये मीना को सम्मानित किया।










