
शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह का सालाना उर्स 28 सितंबर से, लुतरा शरीफ में तैयारियां शुरू
इंतेजामिया कमेटी दरगाह लुतरा शरीफ, जिला – बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आस्था केंद्र लुतरा शरीफ में शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का 5 दिवसीय सालाना उर्स पाक इस वर्ष 28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक बड़े ही अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा।
इंतेजामिया कमेटी दरगाह लुतरा शरीफ द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से उर्स की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। कमेटी का प्रयास है कि देश-विदेश से पहुंचने वाले जायरीनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और विश्राम की व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
उर्स के दौरान परचम कुशाई, शाही संदल, मजार-ए-पाक का गुस्ल, कुरान ख्वानी, नात व मनकबत और कुल की फातिहा जैसे रूहानी कार्यक्रम होंगे। सभी दिनों में दोपहर से देर रात तक सर्वधर्म समभाव के तहत शाकाहारी विशेष शाही लंगर (भंडारा) लगातार जारी रहेगा।
दरगाह की मुख्य विशेषताएं:
1. सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक: लुतरा शरीफ दरगाह छत्तीसगढ़ का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां बिना किसी भेदभाव के हर धर्म और समुदाय के लोग अपनी मन्नतें लेकर आते हैं।
2. बाबा की करामात: यहां हुजूर हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह की मजार-ए-मुबारक है। मान्यता है कि बाबा के दरबार में हाजिरी देने से हर तरह की बलाओं से निजात मिलती है।
3. रूहानी सुकून: दरगाह शांत और प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है, जो जायरीनों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।
उर्स पाक का दिन-वार विस्तृत कार्यक्रम:
28 सितंबर, पहला दिन – परचम कुशाई और ऑल इंडिया नातिया मुशायरा:
सुबह गाजे-बाजे और दुआओं के बीच परचम कुशाई (झंडा फहराने) के साथ उर्स का आगाज होगा। दिन में संदल चादर पेश की जाएगी। रात 10 बजे से अजीमुश्शान ऑल इंडिया नातिया मुशायरा होगा। जिसकी सदारत कारी शब्बीर अहमद अशरफी कोरबा करेंगे। इसमें मौलाना रज्जब अली लुतरा शरीफ, जनाब हलचल सिवानी, जैनुल आबेदीन कानपुर, शाहबाज कमर कोलकाता, मुबारक हुसैन मुबारक शम्स कोलकाता और मोहम्मद इल्यास अशरफी शिरकत करेंगे।
29 सितंबर, दूसरा दिन – शाही संदल और जलसा-ए-तकरीर:
दिन में मजार-ए-पाक का गुस्ल और शाही संदल की रस्म अदा की जाएगी। रात 9 बजे बाबा सरकार की शान में जलसा-ए-तकरीर होगा, जिसमें सैयद राशिद मक्की मियां साहब किबला, किछौछा शरीफ, अयोध्या (उ.प्र.) तकरीर फरमाएंगे।
30 सितंबर, तीसरा दिन – संदल चादर और महफिल-ए-समा:
अम्मी जान साहिबा का संदल चादर पेश होगा। रात 10 बजे महफिल-ए-समा (कव्वाली) में मुंबई के मशहूर रेडियो-टीवी सिंगर मुजतबा अजीज नाजा अपनी पेशकश देंगे।
1 अक्टूबर, चौथा दिन – महफिल-ए-कव्वाली:
रात 10 बजे बिजनौर (उ.प्र.) के मशहूर कव्वाल रईस अनीस साबरी कव्वाली पेश करेंगे।
2 अक्टूबर, पांचवां दिन – कुल की फातिहा और समापन:
सुबह 11 बजे रंग की महफिल होगी, जिसमें रईस अनीस साबरी बिजनौर शिरकत करेंगे। सैयद महमूद अशरफ साहब किबला, किछौछा शरीफ (उ.प्र.) की सदारत में कुल की फातिहा के साथ उर्स का समापन होगा।
लुतरा शरीफ कैसे पहुंचे:
1. रेल मार्ग: सबसे नजदीकी बड़ा रेलवे स्टेशन बिलासपुर जंक्शन (BSP) है, जो देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। स्टेशन से लुतरा शरीफ की दूरी लगभग 30 किमी है। स्टेशन के बाहर से ऑटो, प्राइवेट कार और बिलासपुर-बलौदा रूट की बसें आसानी से मिल जाती हैं।
2. सड़क मार्ग: बिलासपुर बस स्टैंड से सीपत मार्ग होते हुए बलौदा मुख्य मार्ग पर लुतरा गांव स्थित है। उर्स के दौरान प्रशासन द्वारा बिलासपुर से लुतरा शरीफ के लिए 24 घंटे विशेष बसों और ऑटो की व्यवस्था की जाती है।
3. हवाई मार्ग: नजदीकी हवाई अड्डा रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (RPR) है, जो लुतरा शरीफ से लगभग 145 किमी दूर है। एयरपोर्ट से टैक्सी या रायपुर से बिलासपुर ट्रेन/बस द्वारा पहुंचा जा सकता है।
इंतेजामिया कमेटी:
सदर – हाजी मो. इकबाल हक, खजांची – जनाब फैजान अहमद शेबू, नायब खजांची – जनाब जावेद रब्बानी (कोरबा), लंगर इंचार्ज – जनाब हाजी मो. कुद्दुस (बिलासपुर)
मेंबर्स: जनाब हाजी मो. नजीर अहमद (बलौदा), मो. सज्जाद सिद्दीकी (कोरबा), सैयद इंसान अली (बिलासपुर), शेख सिकंदर (बिलासपुर), मो. एजाज खान (लुतरा शरीफ), मुशर्रफ खान (बिलासपुर), अब्दुल वहाब अशरफी (लुतरा शरीफ), हाजी अनवारूल हक (लुतरा शरीफ), हाजी अब्दुल करीम बेग (लुतरा शरीफ), अब्दुल शहनवाज मेमन (लुतरा शरीफ), शेख अब्दुल गफ्फार (लुतरा शरीफ)।









