पुटका पहाड़ में पर्यावरणीय पुनरुद्धार को मिलेगी नई गति, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया कार्यों का निरीक्षण
वन मंत्री ने पुनरुद्धार कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
वन्यजीव आवास, प्राकृतिक वनस्पतियों और हाथी कॉरिडोर के संरक्षण पर विशेष जोर
कोरबा, 20 अगस्त 2026/ कोरबा जिले के दुर्गम पुटका पहाड़ क्षेत्र में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने और वन्यजीवों के सुरक्षित आवास को संरक्षित करने की दिशा में चल रहे कार्यों को अब और गति दी जाएगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज कोरबा वन मंडल के बालको वन परिक्षेत्र अंतर्गत पुटका पहाड़ क्षेत्र का भ्रमण कर पर्यावरणीय पुनरुद्धार एवं पुनर्स्थापना कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों और पारिस्थितिक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री कश्यप ने बालको एवं लेमरू वन परिक्षेत्र के विभिन्न वन क्षेत्रो का भ्रमण कर वहां प्राकृतिक वनस्पतियों, वन्यजीवों की स्थिति तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने पुटका पहाड़ क्षेत्र में भू-दृश्य के अनुरूप किए जा रहे पर्यावरणीय पुनरुद्धार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही क्षेत्र में तेजी से फैल रही बाहरी प्रजाति की झाड़ियों के उन्मूलन, प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के उपायों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जलभराव वाले जलग्रहण क्षेत्रों के समुचित प्रबंधन तथा वन्यजीवों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख सहित वरिष्ठ वन अधिकारियों के साथ मंत्री श्री कश्यप ने मानचित्र के माध्यम से पुटका पहाड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, वन क्षेत्र और वन्यजीव आवागमन मार्गों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय पुनरुद्धार केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करने की दिशा में होना चाहिए। इसके लिए स्थानीय प्राकृतिक वनस्पतियों का संरक्षण, बाहरी प्रजातियों का नियंत्रण, जलस्रोतों का संरक्षण और वन्यजीवों के अनुकूल आवास का विकास आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन सभी कार्यों में समन्वय बनाकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
राम कचहरी में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना
पुटका पहाड़ भ्रमण के दौरान मंत्री श्री केदार कश्यप प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल ‘राम कचहरी’ भी पहुंचे। उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों, त्योहारों तथा स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था को देखते हुए मंत्री श्री कश्यप ने राम कचहरी परिसर में काष्ठ से निर्मित मंदिर के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आस्था और परंपराओं से जुड़े स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।
ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, जनसुविधाओं के विस्तार के दिए निर्देश
मंत्री श्री कश्यप ने पुटका पहाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और मूलभूत आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने क्षेत्र में आवश्यक जनसुविधाओं से संबंधित विषय उनके समक्ष रखे। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा उपलब्ध जनसुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर श्री आशुतोष पाण्डेय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित वन परिक्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी सहित जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।









