

KORßA:-तीसरे सावन सोमवार पर कोरबा शिवमय: माँ सर्वमंगला मंदिर में 121 पार्थिव शिवलिंगों का दिव्य महारुद्राभिषेक, हजारों हाथों ने किया जलाभिषेक
कोरबा। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन संयोग पर कोरबा में आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर, दुरपा में नम: आयोजन समिति द्वारा 121 पार्थिव शिवलिंगों का दिव्य महारुद्राभिषेक भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
17 अगस्त, श्रावण शुक्ल पंचमी (नागपंचमी), विक्रम संवत् 2083 को आयोजित यह कार्यक्रम कोरबा के आध्यात्मिक इतिहास में ऐतिहासिक बन गया। द्वितीय वर्ष आयोजित इस महायज्ञ में 121 शिवभक्त दम्पतियों ने एक साथ बैठकर पार्थिव शिवलिंगों की स्थापना और महाभिषेक किया।
जैसे ही शंखनाद, घंटियों और शिव महामंत्र, महामृत्युंजय मंत्रों के बीच अभिषेक शुरू हुआ, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ से गूंज उठा। हजारों हाथों ने एक साथ 121 शिवलिंगों पर जलधारा अर्पित की, तो ऐसा लगा मानो आसमान भी बरसात के रूप में अपनी जलधारा से रुद्राभिषेक कर रहा हो।
*पार्थिव पूजन का महत्व: तीनों तापों से मुक्ति*
नम: आयोजन समिति के अध्यक्ष राजपुरोहित नमन पाण्डेय उर्फ नन्हा महाराज ने बताया, “भगवान राम ने भी लंका विजय से पूर्व रामसेतु पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजन किया था। पार्थिव शिवलिंग पूजन से दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों तापों से मुक्ति मिलती है, दीर्घायु और परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है। भोले भंडारी स्वयं फकीरी में रहते हैं, पर भक्तों को सुख का भंडार देते हैं।”
आयोजन को विद्वान आचार्यों, मयंक पाण्डेय सहित समिति सदस्यों ने दिव्यता के साथ सम्पन्न कराया। दर्शन के लिए हजारों शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी।
*सामाजिक दायित्व और साइबर जागरूकता*
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन किया गया। सर्वमंगला पुलिस चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने उपस्थित जनसमूह को ‘साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ महाभियान के तहत साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए।
इसके बाद महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आभार
नमन पाण्डेय ने 121 दम्पतियों, हजारों शिवभक्तों, विद्वान आचार्यों, पुलिस प्रशासन और सभी सहयोगियों का हृदय से आभार जताते हुए कामना की कि भगवान भोलेनाथ कोरबा जिले को सुख-शांति, एकता और समृद्धि प्रदान करें।









