KORBA:-: बच्चों की सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए जागरूकता जरूरी: जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश
कोरबा में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक, पॉक्सो अधिनियम की दी जानकारी
कोरबा। बच्चों की सुरक्षा, उज्ज्वल भविष्य और जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से कोरबा जिले में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत स्कूली विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के संबंध में अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान का प्रथम चरण 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के तहत जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) कोरबा सुश्री सीमा प्रताप चन्द्रा ने सरस्वती शिशु मंदिर एवं हायर सेकेंडरी स्कूल (सीएसईबी), कोरबा में आयोजित जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बच्चों को समझाया कि अनजान व्यक्तियों के साथ-साथ परिचित, पड़ोसी अथवा रिश्तेदारों पर भी आंख बंद कर विश्वास नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लालच देकर, बहला-फुसलाकर या किसी अन्य प्रलोभन के माध्यम से अपने साथ चलने के लिए कहता है, तो उसके साथ नहीं जाना चाहिए। किसी भी असहज या संदिग्ध परिस्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देनी चाहिए।
न्यायाधीश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। माता-पिता का बच्चों को डांटना उनके प्रति चिंता, स्नेह और उज्ज्वल भविष्य की कामना का प्रतीक है। बच्चों को माता-पिता की बातों को सकारात्मक रूप से समझना चाहिए तथा निराश होकर कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। जीवन अनमोल है और कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य एवं साहस के साथ करना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से 16-17 वर्ष की आयु को जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इस उम्र में प्रेम-प्रसंग जैसे रिश्तों के चलते घर से किसी के साथ चले जाना कई बार कानूनी समस्याओं एवं आपराधिक प्रकरणों का कारण बन सकता है। इस उम्र में बच्चों को प्रेम-प्रसंग में पड़कर अपना भविष्य प्रभावित करने के बजाय शिक्षा प्राप्त करने, लक्ष्य निर्धारित करने और अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरबा जिले में बच्चों से संबंधित अथवा पॉक्सो अधिनियम से जुड़ा कोई मामला सामने न आए और किसी भी परिवार को हृदय विदारक घटना का सामना न करना पड़े। बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना है, ताकि सुरक्षित बचपन के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण हो सके।
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